बीएचयू में होगा देश के ‘छठें कृषि विज्ञान कांग्रेस’ का आयोजन, 13 से 16 नवंबर तक जुटेंगे देश भर के विश्वविद्यालयों व शोध संस्थानों के वैज्ञानिक

Vishal Dubey
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आगामी 13 से 16 नवंबर तक काशी हिंदू विश्वविद्यालय में देश के ‘छठें कृषि विज्ञान कांग्रेस’ का आयोजन किया जाएगा। इस कांग्रेस में लगभग सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, शोध संस्थानों के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक व देश-दुनिया के शोध छात्र भाग लेंगे। नेशनल एकेडमी आफ एग्रीकल्चरल साइंसेज (एनएएएस) व विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिनों तक होने वाले कृषि विज्ञान पर आधारित देश के इस सबसे बड़े आयोजन में कुल 11 सत्रों में ‘ऊर्जा और 21वीं सदी में कृषि की चुनौतियां’ विषय के विविध आयामों पर देश भर के वैज्ञानिक चर्चा करेंगे। इस दौरान कृषि विज्ञान क्षेत्र में अब तक हुए महत्वपूर्ण शोधों व प्रगति को दर्शाती एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसमें कृषि पशुपालन, दुग्ध विकास, कृषि में उद्योगों की भूमिका आदि अनेक विषयों पर विमर्श के साथ ही पूर्वांचल के किसानों को भी उनसे रूबरू होने का मौका मिलेगा।
आयोजन समन्वयक विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान के एग्रोइकोनामिक्स विभाग के प्रो. राकेश सिंह ने बताया कि कांग्रेस का लक्ष्य प्रमुख अकादमिक वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, शोध छात्रों को एक साथ एक मंच पर लाना है, ताकि वे ऊर्जा और कृषि संबंधित सभी पहलुओं पर अपने अनुभवों को साझा करते हुए शोध परिणामों का आदान-प्रदान कर सकें। शोधकर्ता इस बात पर विमर्श करते हुए अपने शोध प्रस्तुत करेंगे कि किस तरह भूमि और जल प्रबंधन, कृषि मशीनरी, सिंचाई के अर्थशास्त्र, कृषि उत्पादों की ऊर्जा, सटीक खेती, नवीकरणीय ऊर्जा और कृषि, ऊर्जा विश्लेषण और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को कृषि के माध्यम से समृद्ध बनाया जा सकता है।
आयोजन समन्वयक विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान के एग्रोइकोनामिक्स विभाग के प्रो. राकेश सिंह ने बताया कि कांग्रेस का लक्ष्य प्रमुख अकादमिक वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, शोध छात्रों को एक साथ एक मंच पर लाना है, ताकि वे ऊर्जा और कृषि संबंधित सभी पहलुओं पर अपने अनुभवों को साझा करते हुए शोध परिणामों का आदान-प्रदान कर सकें। शोधकर्ता इस बात पर विमर्श करते हुए अपने शोध प्रस्तुत करेंगे कि किस तरह भूमि और जल प्रबंधन, कृषि मशीनरी, सिंचाई के अर्थशास्त्र, कृषि उत्पादों की ऊर्जा, सटीक खेती, नवीकरणीय ऊर्जा और कृषि, ऊर्जा विश्लेषण और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को कृषि के माध्यम से समृद्ध बनाया जा सकता है।

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