मिडडे मील की डाटा फीडिंग का काम समय से न पूरा करना, अब जिले के 250 से अधिक शिक्षकों को महंगा पड़ सकता है। बीएसए ने इन शिक्षकों की सूची तैयार कर ली है। संभवत: एक से दो दिनों में ही सभी को नोटिस देकर वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। कुछ दिनों पहले बीएसए डा.पवन तिवारी ने इसी मामले में चार खंड शिक्षाधिकारियों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया था। हालांकि, अब बारी शिक्षकों की है। दरअसल, सरकार की ओर से आदेश हैं, कि समय से बच्चों को मिडडे मील की राशि व खाद्यान्न दे दिया जाए। कोरोना महामारी के इस दौर में शिक्षकों ने यह काम तो जैसे-तैसे पूरा कर लिया। मगर, जब काम को लेकर डाटा फीडिंग की बात आई तो जिले के कई विकासखंडों की स्थिति बेहद खराब निकली।
एफआइआर भी हो सकती : एमडीएम के जिला समन्वयक सौरभ पांडेय ने बताया कि शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों व खंड शिक्षाधिकारियों ने मिडडे मील के डाटा फीडिंग के काम में बहुत अधिक लापरवाही बरती। सभी को सूचना दी गई थी, कि 31 जुलाई तक डाटा फीडिंग का काम पूरा कर लें। हालांकि प्रेमनगर, चौबेपुर समेत कई अन्य विकासखंडों में काम नहीं हुआ। बोले, कई स्कूलों के आंकडो़ं को देखकर तो ऐसा लग रहा है, मानो कागजी आंकड़े तैयार किए गए हों। उन्होंने कहा, कि ऐसे शिक्षकों को अब चिन्हित किया जा रहा है। अगर लापरवाही की गई होगी तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई कराई जाएगी।
