केनरा बैंक के लॉकर से करोड़ों रुपये गायब होने के मामले में पुलिस ने बैंक मैनेजर समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब इस मामले में पुलिस ने बैंक में दिए गए हस्ताक्षर के कागजात की फोरेंसिक जांच करने के लिए लखनऊ भेजने की तैयारी की है।
नगर लालडिग्गी मोहल्ला निवासी मनोज कुमार शुक्ल ने कटरा कोतवाली में तहरीर देकर बैंक मैनेजर समेत तीन लोगों पर धोखाधड़ी समेत अन्य आरोप में मुकदमा पंजीकृत कराया है। आरोप लगाया कि उमेश शुक्ल पुत्र हृदयनारायण शुक्ल निवासी हृदय कलश मुसफ्फरगंज ने नगर के बाजीराव कटरा स्थित केनरा बैंक के मैनेजर व डिप्टी मैनेजर के साथ मिलकर उनके परिवार के लाकर से फर्जी तरीके से 12 करोड़ रुपये के सोने व चांदी के जेवरात को गायब कर दिया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है। मनोज शुक्ल ने दिए गए तहरीर में बताया कि वह लालडिग्गी स्थित अपने मकान में रहते हैं। वे चार भाइयों में सबसे छोटे हैं। उनके माता-पिता का बाजीराव कटरा इलाका स्थित केनरा बैंक में लॉकर था। इसमें उनकी माता का करोड़ों रुपये का जेवर रखा था। इसके बारे में उनके पिता को जानकारी थी। पिता के बीमार होने पर उनके बड़े भाई उमेश शुक्ल ने कूटरचित तरीके से पिता का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर बैंक के ब्रांच मैनेजर एसएन प्रसाद व डिप्टी मैनेजर चंद्रलोक निवासी अज्ञात से मिलीभगत कर लॉकर को खोलवा लिया। उसमें रखे करोड़ों रुपये के आभूषण व नगदी हड़प ली। जबकि उनके पिता ने एक लेटर लिखकर दिया था कि उनके चारों बेटों की उपस्थिति में ही उस लाकर को खोला जाए। इसके बाद भी बैंक मैनेजर ने रुपये की लालच में आरोपित से मिलीभगत करके लॉकर खोल दिया और उसमें रखे रुपये व जेवरात निकाल लिए।
