यह इत्तेफाक है या कुछ और। दीनदयाल अस्पताल में आरटीपीसीआर जांच के लिए पहले दोगुनी से अधिक कीमत पर सामान खरीदा गया, वहीं बुधवार को सामान खत्म होने व सीएमएस के डिमांड भेजते ही कोई संस्था सीएमओ को एक लाख रुपये का सामान दान स्वरूप देने के लिए आगे आ गई। दरअसल, पूर्व में हुए भ्रष्टाचार के चलते नवागत सीएमओ ने बिना टेंडर के सामान खरीदने से इन्कार कर दिया था, जिससे लाभ का कार्य प्रभावित होने की आशंका हो गई। सीएमओ ने सामान के साथ सीएमएस को टेंडर निकालने के लिए पत्र भी जारी कर दिया है।
ये है मामला
दीनदयाल अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब के लिए 1.20 करोड़ रुपये का सामान एक ही कोटेशन पर खरीद लिया गया, वह भी बाजार दर से ढाई गुना अधिक कीमत पर। जबकि, एक लाख रुपये से अधिक का सामान टेंडर या बिड से ही खरीदा जा सकता है। डीएम रहे चंद्रभूषण सिंह के निर्देश पर सीडीअो अंकित खंडेलवाल ने कमेटी गठित कर जांच कराई तो इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ। सीएमएस रहे डा. एबी सिंह, एसएमओ डा. पी. कुमार व चीफ फार्मासिस्ट एसके सिंघल से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
