अब बात जब कोरोना महामारी की तीसरी लहर की होने लगी है तो रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता, उपयोगिता और इस पर विश्वास की बहस शुरू होना लाजिमी है। लेकिन जिस रेमडेसिविर ने जरूरत के मामले में तीमारदारों के मन मस्तिष्क पर गहरी पैठ बनाई थी स्वास्थ्य विभाग में उसकी तैयारी अभी कमजोर है। तीसरी लहर की आहट के मद्देनजर रेमडेसिविर ही नहीं, टैबलेट फेरापिराविर के स्टाक की आवश्यकता को जरूरी कर दिया है। वहीं दूसरी ओर औषधि प्रशासन विभाग इस पर ज्यादा जोर नहीं दे रहा है क्योंकि शासन में अभी इन दवाओं पर संशय है। जीवन रक्षक इन दवाओं के बारे में जानिए दैनिक जागरण की पड़ताल में।
